कोतवाली में पत्रकारों को धमकी, पुलिस बनी मूकदर्शक! रात 11 बजे तक धरने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मुख्य बिंदु:
वृंदावन कोतवाली परिसर में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठे। विरोध के बाद चार नामजद सहित सात आरोपियों पर एफआईआर दर्ज हुई।
मथुरा/वृंदावन। वृंदावन कोतवाली परिसर में पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पत्रकारों का आरोप है कि एक महिला समेत उसके पति और अन्य लोगों ने कोतवाली परिसर में ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया तथा चौथ वसूली की मांग की। मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग तहरीरों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ विवाद, कार्रवाई न होने से बढ़ा आक्रोश
जानकारी के अनुसार पत्रकार कवरेज के सिलसिले में वृंदावन कोतवाली पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद दबंग भूमाफिया शिखा शर्मा, प्रकाश शर्मा, काजल शर्मा और दीपक उर्फ सैंडी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया। पत्रकारों का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम कोतवाली प्रभारी संजय कुमार पांडे की मौजूदगी में हुआ, लेकिन तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
रात 11 बजे तक चला धरना, सीओ सदर के आश्वासन पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने कोतवाली गेट पर धरना शुरू कर दिया, जो देर रात करीब 11 बजे तक चला। धरना स्थल पर पहुंचे सीओ सदर पीतमपाल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत कर उनकी तहरीर ली। इसके बाद पत्रकार राजा तिवारी और राज चौधरी की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
नामजद आरोपियों समेत तीन अज्ञात के खिलाफ केस
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में शिखा शर्मा, प्रकाश शर्मा, काजल शर्मा और दीपक उर्फ सैंडी को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा तीन अज्ञात व्यक्तियों को भी मामले में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भूमाफियाओं को संरक्षण देने के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकारों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ कथित भूमाफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और उन्हें संरक्षण मिलने के कारण वे बेखौफ होकर विवादित गतिविधियों में शामिल हैं। पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि कोतवाली परिसर में ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं। अब सभी की निगाहें मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।