बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, नो-व्हीकल जोन में कैसे पहुंची कार?
मुख्य बिंदु:
एकादशी और अधिक मास के अवसर पर बांके बिहारी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक चार पहिया कार मंदिर की सबसे भीड़भाड़ वाली गली और पुलिस चौकी तक पहुंच गई। नो-व्हीकल जोन में कार के प्रवेश से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धालुओं ने इसे सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मथुरा/वृंदावन।विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिक मास और एकादशी के अवसर पर मंदिर क्षेत्र श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भरा हुआ था, इसी बीच एक चार पहिया कार मंदिर की संकरी गलियों से होती हुई बांके बिहारी पुलिस चौकी तक पहुंच गई। यह वही इलाका है जहां सबसे अधिक भीड़ रहती है और श्रद्धालुओं की आवाजाही हर समय बनी रहती है।
भीड़ के बीच कार फंसने से मौके पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के बीच कार धीरे-धीरे निकलती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस क्षेत्र में दो पहिया वाहनों तक के प्रवेश पर रोक है, वहां चार पहिया वाहन आखिर कैसे पहुंच गया। मंदिर क्षेत्र में जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती और सुरक्षा के लाख दावों के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि अधिक मास और एकादशी जैसे विशेष अवसरों पर लाखों की संख्या में भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में भीड़भाड़ वाले इलाके में कार का प्रवेश किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था। लोगों ने इसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया है।
घटना के बाद लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।