श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रशासन की नींद, हर पल मंडरा रहा हादसे का खतरा
मुख्य बिंदु:
पुरुषोत्तम मास में वृंदावन पहुंचे लाखों श्रद्धालु अव्यवस्थाओं के बीच पंचकोसीय परिक्रमा करने को मजबूर हैं। नो-एंट्री के बावजूद परिक्रमा मार्ग पर भारी वाहन दौड़ रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं संकरी गलियों में ई-रिक्शाओं और लगातार लग रहे जाम से श्रद्धालु व स्थानीय लोग परेशान हैं। प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
मथुरा/वृंदावन। पुरुषोत्तम मास में पंचकोसीय परिक्रमा के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं की आस्था को संकट में डाल दिया है। परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर पैदल और दंडवत परिक्रमा करने को मजबूर हैं।
प्रशासन के आदेश बेअसर, नो-एंट्री में फर्राटा भर रहे वाहन
प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध और नो-एंट्री लागू होने के बावजूद दिन-रात बाहरी और भारी वाहन परिक्रमा मार्ग पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच श्रद्धालु किसी तरह अपनी परिक्रमा पूरी कर रहे हैं। हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
हर घंटे लग रहा भीषण जाम, श्रद्धालु और स्थानीय लोग परेशान
नगर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। परिक्रमा मार्ग से लेकर प्रमुख चौराहों तक हर घंटे जाम की स्थिति बन रही है। श्रद्धालुओं को घंटों तक रास्तों में फंसे रहना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय नागरिक भी प्रशासन की लापरवाही से भारी परेशान हैं।
ई-रिक्शाओं के मकड़जाल ने बढ़ाई मुश्किलें
वृंदावन की संकरी कुंज गलियों में अनियंत्रित रूप से चल रहे ई-रिक्शाओं ने हालात और बदतर कर दिए हैं। गलियों में हर समय जाम और अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है। कई बार श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
व्यवस्थाओं के नाम पर केवल दावे, धरातल पर नहीं दिख रही तैयारी
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। परिक्रमा मार्ग पर न पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और न ही यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था दिखाई दे रही है।
श्रद्धालुओं में आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार बिगड़ती व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने, ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने और परिक्रमा मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।