11 हजार वोल्ट लाइन की चिंगारी से धधकी फैक्ट्री, लाखों का नुकसान
मुख्य बिंदु:
मथुरा के यूपीसीडा साइट-बी में 11 हजार वोल्ट लाइन से निकली चिंगारी के कारण दोना-पत्तल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग में लाखों का सामान जल गया। दमकल की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
मथुरा के यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दोना-पत्तल और थर्माकोल उत्पाद बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सूखी घास से फैक्ट्री तक पहुंची आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क किनारे गुजर रही 11 हजार वोल्ट बिजली लाइन के तार आपस में टकरा गए, जिससे निकली चिंगारियां नीचे उगी सूखी घास और झाड़ियों पर गिर गईं। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती हुई उद्योग परिसर तक पहुंच गई और वहां रखे भारी मात्रा में कच्चे माल को अपनी चपेट में ले लिया।
लाखों का नुकसान, टला बड़ा हादसा
आग लगने से फैक्ट्री में रखा दोना-पत्तल और थर्माकोल निर्माण का कच्चा माल जलकर राख हो गया। इस घटना में उद्यमी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग की चपेट में कोई कर्मचारी या मजदूर नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि आग आसपास संचालित अन्य यूनिटों तक पहुंच जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
यूपीसीडा पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों में भारी आक्रोश है। रिफाइनरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने यूपीसीडा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र की सफाई और रखरखाव के लिए हर साल ठेका दिया जाता है, लेकिन सड़क किनारे उगी सूखी घास और झाड़ियों की सफाई नहीं कराई गई।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन की ओर से कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। समय रहते सफाई हो जाती तो इतनी बड़ी आगजनी की घटना नहीं होती।
जांच और मुआवजे की मांग
एसोसिएशन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रभावित उद्यमी को मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है।
उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि यदि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा, सफाई और रखरखाव की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।