बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ बड़ा अभियान, 25 बच्चे मुक्त कराए
मुख्य बिंदु:
एएचटीयू पुलिस, चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान चलाकर 25 बच्चों को मुक्त कराया। बच्चों को विधिक प्रक्रिया पूरी कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। अभियान के दौरान लोगों को बालश्रम और भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
मथुरा। श्रीजी राधारानी मंदिर क्षेत्र में शुक्रवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) पुलिस ने बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए 25 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बच्चे भीख मांगते हुए पाए गए थे।
एएचटीयू, चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में थाना एएचटीयू/एसजेपीयू पुलिस टीम के साथ चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण इकाई की टीम भी शामिल रही। संयुक्त टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाकर बच्चों को रेस्क्यू किया। इसके बाद सभी बच्चों की आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
लोगों को किया जागरूक, हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं को बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बच्चों को भीख न दें और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
निरीक्षक रवि भूषण शर्मा और उनकी टीम द्वारा आमजन को शासन की हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई। लोगों को 1090, 1098, 1076, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अभियान रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें बेहतर भविष्य दिलाने के उद्देश्य से बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।