नीट पेपर लीक को लेकर मथुरा में एनएसयूआई का प्रदर्शन
मुख्य बिंदु:
मथुरा के बीएसए कॉलेज के बाहर शुक्रवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। एनएसयूआई ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
मथुरा। मथुरा के बीएसए कॉलेज परिसर के बाहर शुक्रवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुतला दहन रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प व छीना-झपटी भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
“पेपर लीक से छात्रों का भविष्य खतरे में”
प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं और पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने संभाली स्थिति।
पुतला दहन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हल्की नोकझोंक हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कोई बड़ी घटना नहीं होने दी।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
एनएसयूआई नेताओं ने दोहराया कि नीट पेपर लीक मामले में शामिल सभी दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।