NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर बोले इंद्रेश महाराज, “मेहनत कभी खराब नहीं होती”
मुख्य बिंदु:
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा रद्द होने से छात्रों में निराशा है। इस बीच मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और समय आने पर सफलता जरूर मिलती है।
मथुरा। NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद रद्द कर दी गई है। मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है। परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं में निराशा का माहौल है। इसी बीच मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज ने छात्रों का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया है। उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे विद्यार्थियों को हिम्मत बनाए रखने की सलाह देते नजर आ रहे हैं।
“समय से पहले कुछ नहीं मिलता” — इंद्रेश महाराज।
वीडियो में जब लोगों ने इंद्रेश महाराज से NEET परीक्षा रद्द होने से मायूस छात्रों के लिए संदेश देने को कहा तो उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि जो उपलब्धि मिलनी होती है, वह सही समय पर ही मिलती है।
उन्होंने कहा,
“मैं सभी बच्चों से कहना चाहता हूं कि मेहनत कभी खराब नहीं होती। समय बहुत बलवान होता है। हो सकता है जिस समय परीक्षा हुई, उस समय सफलता मिलना तय न हो। आगे जब परीक्षा होगी, उसी समय बच्चों को उपलब्धि हासिल हो। पेपर लीक करने वालों को दंड देना सरकार का काम है और ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए।”
7 मई की रात सामने आया था मामला।
बताया जा रहा है कि 7 मई की रात NTA को एक व्हिसलब्लोअर के जरिए सूचना मिली थी कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा से पहले व्हाट्सऐप पर एक पेपर सर्कुलेट हुआ था। इसमें मौजूद कुछ सवाल NEET परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते पाए गए।NTA ने दावा किया था कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कराई गई थी, लेकिन सामने आए इनपुट के बाद जांच शुरू की गई।
3 मई को हुई थी परीक्षा।
NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद सभी OMR शीट्स NTA को भेज दी गई थीं और मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। इसी दौरान पेपर लीक से जुड़े इनपुट सामने आए, जिसके बाद कार्रवाई तेज कर दी गई।
120 टेलीग्राम चैनल ब्लॉक, CBI करेगी जांच।
पेपर लीक मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 120 टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया गया है। अब पूरे मामले की जांच CBI करेगी। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक नेटवर्क कहां से संचालित हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।