मथुरा में SDRF की स्थायी तैनाती, आपदा से निपटने में मिलेगा त्वरित राहत का सहारा
मुख्य बिंदु:
मथुरा में SDRF की स्थायी प्लाटून की तैनाती से आपदा प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी। बाढ़, भूकंप, आग और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित राहत कार्य संभव हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
मथुरा।जनपद मथुरा में आपदा प्रबंधन और जन-सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की एक प्लाटून को स्थायी रूप से तैनात कर दिया गया है। यह निर्णय प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
‘गोल्डन ऑवर’ में तुरंत शुरू होगा राहत कार्य।
स्थानीय स्तर पर SDRF की स्थायी मौजूदगी से किसी भी हादसे या आपदा के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सकेगा। इससे जनहानि और नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
मानसून और बाढ़ के दौरान निभाएगी अहम भूमिका।
मानसून के मौसम में यमुना नदी में आने वाली बाढ़ तथा तटीय क्षेत्रों में जलभराव जैसी परिस्थितियों से निपटने में SDRF की यह प्लाटून प्रमुख भूमिका निभाएगी। टीम आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों के साथ हर आपात स्थिति में सक्रिय रहेगी।
पुलिस के साथ मिलकर करेगी कार्य।
SDRF की टीम स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करेगी, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत अभियान और अधिक तेज एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा कवच।
धार्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में SDRF की स्थायी तैनाती न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगी। यह कदम जनपद को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाएगा।