वृंदावन में गो सम्मान आह्वान अभियान की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न, 15 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित
मुख्य बिंदु:
वृंदावन में आयोजित गो सम्मान आह्वान अभियान की प्रदेश बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में 27 जुलाई तक 15 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने के लक्ष्य पर चर्चा हुई। संतों ने गोमाता की सुरक्षा, सम्मान और राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर अभियान को तेज करने का आह्वान किया।
मथुरा/वृंदावन। गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर देशव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत रविवार को वृंदावन में उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों से आए कार्यकर्ताओं एवं संतों ने भाग लिया।
प्रथम चरण में 5.25 करोड़ हस्ताक्षर हुए एकत्र
बैठक में बताया गया कि गो हत्या बंदी के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा गौ केंद्रित अर्थव्यवस्था, कृषि, शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था स्थापित करने जैसी मांगों को लेकर देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 तक 5 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पार करते हुए 5.25 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र किए गए।
द्वितीय चरण में 15 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य
अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 27 जुलाई 2026 तक देशभर से 15 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान की मांगों से संबंधित प्रार्थनापत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भी भेजे जाएंगे।
उत्तर प्रदेश को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में बताया गया कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश से 3.5 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अकेले मथुरा जनपद से 21 लाख हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि अन्य जिलों को कम से कम 5 लाख हस्ताक्षर जुटाने का दायित्व दिया गया है।
सभी जिलों व तहसीलों से पहुंचे कार्यकर्ता
बैठक में प्रदेश के सभी जिलों एवं तहसीलों से आए कार्यकर्ताओं को अभियान के संचालन और जनसंपर्क के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां सौंपते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का आह्वान किया गया।
“900 वर्षों से चल रहे संघर्ष की अंतिम परिणति का समय”
अभियान के प्रमुख संत एवं सूत्रधार ग्वाल संत स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक लाभ या हानि के लिए नहीं, बल्कि गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “900 वर्षों से चल रहे संघर्ष की अंतिम परिणति का समय आ गया है। सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करना ही पड़ेगा। हमारा उद्देश्य केवल गोमाता को उचित सम्मान दिलाना है।”
8 जून को गोवर्धन में संतों की राष्ट्रीय बैठक
बैठक में जानकारी दी गई कि अभियान के तहत 8 जून को गोवर्धन धाम में देशभर के प्रमुख संतों की बैठक आयोजित होगी। मलूक पीठाधीश्वर संत श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में होने वाली इस बैठक में अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गति देने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
अनेक संत व कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज, गोपेशकृष्ण दास महाराज, स्वामी अच्युतानंद महाराज, चंद्रमा दास महाराज, प्रकाश नारायण महाराज, उत्तर प्रदेश राज्य प्रभारी ब्रजदास जी (सुनील भैया), श्री कृष्ण जन्मभूमि के अध्यक्ष एवं मथुरा जिला प्रभारी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, राम सेवा आश्रम के महंत नवलराम दास महाराज, गणेश दास महाराज सहित प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।