*वृन्दावन में पत्रकारों को धमकी, मंत्री ने कहा—लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का उत्पीड़न नहीं होगा बर्दाश्त*
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Vigul News
वृन्दावन। पत्रकारों को कथित रूप से दी गई जान से मारने की धमकियों और पत्रकार उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को वृन्दावन के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री एवं मथुरा के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली परिसर में धमकी देने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वृन्दावन कोतवाली परिसर में शिखा शर्मा एवं उसके सहयोगियों द्वारा पत्रकारों को खुलेआम धमकाया गया। पत्रकारों का कहना है कि कवरेज के दौरान उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और देख लेने की चेतावनी दी गई, जिससे पत्रकारों में भय और आक्रोश का माहौल है।
अवैध कब्जों की शिकायत भी उठाई
प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री को क्षेत्र में विभिन्न भूमि विवादों एवं कथित अवैध कब्जों से जुड़े मामलों की जानकारी भी दी। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों को उजागर करने पर उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा और सम्मान की उठी मांग
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार की रक्षा के लिए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए पत्रकारों का निर्भय होकर कार्य करना आवश्यक है।