कोंकरोच बनकर नाले में उतरा युवक , यमुना प्रदूषण के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन
मुख्य बिंदु:
यमुना प्रदूषण के खिलाफ युवक ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कोंकरोच का भेष धारण कर यमुना के घाट पहुँचा युवक और यमुना में गिर रहे गंदे नाले के अंदर उतर गया । युवक का कहना है की जब तक यमुना में गिरने वाले नालों को बंद कर नदी को स्वच्छ नहीं किया जाता, तब तक वह नाले से बाहर नहीं निकलेगा।
मथुरा/वृंदावन। सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा “कोंकरोच” अब विरोध प्रदर्शन का नया प्रतीक बनता जा रहा है। वृंदावन के समाजसेवी दीपक शर्मा ने यमुना प्रदूषण के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराते हुए शनिवार को कोंकरोच का भेष धारण कर विहार घाट पर प्रदर्शन किया।
दीपक शर्मा सीधे उस गंदे नाले में उतर गए, जो लगातार यमुना में गिर रहा है। नाले के अंदर खड़े होकर उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि जब तक यमुना में गिरने वाले नालों को बंद नहीं किया जाता और नदी को प्रदूषण मुक्त नहीं किया जाता, तब तक वह नाले से बाहर नहीं निकलेंगे।
नगर निगम के बाद अब घाट पर प्रदर्शन
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी दीपक शर्मा मथुरा नगर निगम कार्यालय में कोंकरोच बनकर पहुंचे थे, जहां उन्होंने यमुना प्रदूषण के मुद्दे को उठाया था। उनका यह अनोखा प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
शनिवार को विहार घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कोंकरोच के भेष में नाले के अंदर खड़े दीपक शर्मा को देखने के लिए राहगीरों और श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोन निकाल लिए और वीडियो बनाते नजर आए।
“शिकायतें कीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई”
दीपक शर्मा का कहना है कि उन्होंने यमुना में गिरते गंदे नालों को लेकर कई बार शासन और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना को स्वच्छ बनाने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि हकीकत में लगातार गंदा पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
यमुना प्रदूषण को लेकर बढ़ रहा आक्रोश
दीपक शर्मा के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर यमुना प्रदूषण के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक नगरी वृंदावन में यमुना की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और प्रशासन को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।