भाजपा युवा नेता पर जानलेवा हमले के 72 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ, बदमाशों ने दी खुली चुनौती
मुख्य बिंदु:
वृन्दावन के नए यमुना पुल पर भाजपा नेता प्रमेन्द्र उर्फ पम्मी गोस्वामी को गोली मारने वाले बदमाश तीन दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गंभीर हालत में घायल भाजपा नेता का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद से पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं होने से कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
वृन्दावन= भाजपा के युवा नेता पम्मी गोस्वामी पर जानलेवा हमले के 72 घंटे बाद भी हमलावर पुलिस की पकड़ से बहुत दूर नजर आ रहे हैं। जिससे पुलिसिया इकबाल को खुली चुनौती मिल रही है। इधर घटना के बाद पानीगांव संपर्क मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आ गई है। यहां बताते चले कि गुरुवार की देर रात पानीगांव से लौटते समय भाजपा के युवा नेता पम्मी गोस्वामी पर करीब आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने घेरकर जानलेवा हमला कर सीने पर गोली मार दी थी। व्यस्ततम पानीगांव पुल पर घटना को अंजाम देकर बदमाश मौके से भाग खड़े हुए। राहगीरों ने पुलिस की मदद से पम्मी गोस्वामी नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद हालत बिगड़ने पर मथुरा के सिम्स हॉस्पिटल रैफर किया गया।जहां डॉक्टर्स की टीम ने आपरेशन के बाद गोली निकाल दी। इसके बाद पम्मी गोस्वामी अभी इंसेंटिव केयर यूनिट में भर्ती है। हालांकि आपरेशन से पहले पम्मी गोस्वामी द्वारा एक वीडियो बाइट में अपने ऊपर जानलेवा हमले का कारण जमीनी विवाद बताया है। लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। सबसे खास बात यह है कि सत्ताधारी दल के युवा नेता पर जानलेवा हमले को लेकर पुलिस के पास अभी तक कोई लीड नहीं है। यहां तक कि पुलिस अपराधियों की पहचान तो दूर उससे जुड़े कारणों का भी पता नहीं लगा सकी है। हालांकि पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज के सहारे अपराधियों की तलाश की बात कही जा रही है।लेकिन घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं होने की वजह से पुलिस को अपने मुखबिरी के नेटवर्क का सहारा लेना पड़ेगा। इस संबंध में पम्मी गोस्वामी के परिजनों ने बताया कि पम्मी अभी आईसीयू में है। जिससे घटना का कारण पता नहीं लग सका है।
घटना के संबंध में कोतवाली प्रभारी संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि फिलहाल मामले में कोई बड़ा अपडेट सामने नहीं आया है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।