⚡ ब्रेकिंग: ईद-मिलादुन्नबी पर गूंजा ‘सरकार की आमद मरहबा’, वृंदावन में उमड़ा जुलूसे मोहम्मदी का जनसैलाब ⚡ ब्रेकिंग: सीमा पर वीर जवानों की कलाइयों पर राखी सजाएंगी वृंदावन की बेटियां, अटारी और अखनूर बॉर्डर के लिए रवाना हुआ जत्था ⚡ ब्रेकिंग: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बांके बिहारी मंदिर में चढ़ावे का हर पैसा दानपात्र या ऑनलाइन कोष में जमा होगा ⚡ ब्रेकिंग: रंगजी मंदिर के पास भाजपा पार्षद के भाई पर हमला, सिर में लोहे की रॉड मारकर किया लहूलुहान; दो आरोपी हिरासत में ⚡ ब्रेकिंग: दिनदहाड़े सेवायत पर धारदार हथियार से हमला, पुलिस को दी तहरीर ⚡ ब्रेकिंग: शरणागत भक्त को प्रार्थना की जरूरत नहीं : प्रेमानंद महाराज

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में देवकीनंदन महाराज का संवाद, बोले- सदाचार और सत्य ही अध्यात्म की असली पहचान

ब्रेकिंग न्यूज़
देश फीचर्ड
22 अगस्त 2026, 05:13 PM
263 व्यूज
admin
Editor
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में देवकीनंदन महाराज का संवाद, बोले- सदाचार और सत्य ही अध्यात्म की असली पहचान
मुख्य बिंदु:

वृंदावन के कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों और शोधकर्ताओं से ‘सनातन धर्म और आधुनिक जीवन’ विषय पर संवाद किया। उन्होंने अध्यात्म, नैतिक मूल्यों और जीवन के उद्देश्य पर विचार रखते हुए कहा कि अध्यात्म केवल पूजा नहीं, बल्कि सत्य और सदाचार को जीवन में अपनाने का मार्ग है।

वृंदावन। अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सनातन धर्म और आधुनिक जीवन में अध्यात्म की उपयोगिता पर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। वृंदावन के प्रसिद्ध धर्मगुरु एवं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कार्यक्रम में छात्रों, शोधकर्ताओं और फैकल्टी सदस्यों से संवाद करते हुए आध्यात्मिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और जीवन के उद्देश्य से जुड़े सवालों के जवाब दिए।

बोस्टन स्थित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कम्युनिटी की ओर से देवकीनंदन महाराज का स्वागत किया गया। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुनवीर शर्मा ने ‘ज्ञान, मूल्य और जीवन’ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम की मेजबानी की। कार्यक्रम में अलग-अलग सांस्कृतिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से जुड़े छात्र, पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए।

संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने पूछा कि सफलता और महत्वाकांक्षा के बीच व्यक्ति अपने मूल्यों से कैसे जुड़ा रह सकता है। दबाव और अनिश्चितता के बीच मानसिक संतुलन कैसे बनाए रखा जाए तथा ज्ञान किस तरह व्यक्ति को बेहतर प्रोफेशनल के साथ बेहतर इंसान बनने में मदद कर सकता है। देवकीनंदन महाराज ने इन सवालों का आध्यात्मिक और भारतीय दार्शनिक दृष्टिकोण से समाधान प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म का अर्थ केवल मंदिर जाकर पूजा करना नहीं, बल्कि जीवन और व्यवहार में सत्य, सदाचार और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करना है। सनातन धर्म में जीवन की विभिन्न परिस्थितियों और प्रश्नों के समाधान निहित हैं। अध्यात्म व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाकर उसे बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। धर्मानुकूल आचरण से आधुनिक जीवन को भी शांतिपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण बनाया जा सकता है।

विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम को पारंपरिक व्याख्यान के बजाय खुली और इंटरैक्टिव बातचीत के रूप में आयोजित किया गया। इसमें मूल्यों, जीवन के उद्देश्य, रिश्तों, भलाई, आंतरिक संतुलन और आधुनिक जीवन की चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

गौरतलब है कि देवकीनंदन महाराज इन दिनों सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए दो माह की अमेरिका यात्रा पर हैं। इस दौरान बोस्टन, कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी समेत कनाडा के ब्रैम्पटन और एडमंटन सहित विभिन्न स्थानों पर उनके कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।