सेवाश्रम का सेवाभाव और विकास हृदय को स्पर्श करता है : रामनाथ कोविंद
मुख्य बिंदु:
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को सपरिवार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम पहुंचे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद एवं रामकृष्ण परमहंस देव का पूजन कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कोविंद ने सेवाश्रम की 118 वर्षों की सेवा परंपरा और मानव सेवा के भाव की सराहना करते हुए इसे हृदय को स्पर्श करने वाला बताया।
वृंदावन। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार को सपरिवार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम पहुंचे। सेवाश्रम के साधु-संन्यासियों और चिकित्सकों ने उनका भव्य स्वागत किया। करीब पौने 11 बजे सेवाश्रम पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति ने विवेकानंद मंडपम में स्वामी विवेकानंद को पुष्पांजलि अर्पित की और मंदिर में स्वामी रामकृष्ण परमहंस देव का पूजन किया।
पूजा-अर्चना के बाद रामनाथ कोविंद ने सेवाश्रम के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा अत्यंत सकारात्मक है। यहां बैठने के बाद अंतःकरण स्वाभाविक रूप से ध्यान की ओर अग्रसर हुआ। उन्होंने सेवाश्रम की सेवा परंपरा को मानवता के लिए प्रेरणादायी बताया।
इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति ने शारदा ब्लॉक का निरीक्षण किया। खास बात यह रही कि इसी ब्लॉक का लोकार्पण उन्होंने राष्ट्रपति रहते हुए 28 नवंबर 2019 को किया था। अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी एक महान पेशे से जुड़े हैं, जिसका सीधा संबंध मानवता की सेवा से है।
रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के तीसरे दौरे पर पहुंचे कोविंद ने कहा कि 118 वर्षों की सेवा परंपरा, चिकित्सा सुविधाओं में निरंतर प्रगति और सेवाभाव हृदय को स्पर्श करता है। उन्होंने साधु-संन्यासियों, चिकित्सकों और स्टाफ के साथ समूह फोटो भी खिंचवाए।
इसके बाद उन्होंने नंदकिशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का बाहरी निरीक्षण किया। सेवाश्रम के सचिव स्वामी सुप्रकाशानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने पूर्व राष्ट्रपति को स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर कुलदीप महाराज, स्वामी ओजोमयानंद, स्वामी रुद्रनाथानंद, स्वामी देवतानंद, डॉ. थान सिंह तोमर, डॉ. प्रशांत पाठक, डॉ. गणेश शर्मा सहित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं छात्राएं मौजूद रहीं।