बांकेबिहारी मंदिर में अब QR कोड से चढ़ावा,राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना के बाद सतर्कता
मुख्य बिंदु:
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दान पेटिकाओं पर QR कोड लगा दिए हैं। श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से दान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मंदिर को मिलने वाले कुल चढ़ावे का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अब ऑनलाइन प्राप्त हो रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से चढ़ावे का प्रबंधन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा।
मथुरा/वृंदावन। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी होने की घटना के बाद देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इसी क्रम में वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रशासन ने भी चढ़ावे की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। मंदिर प्रबंधन ने अब दान पेटिकाओं पर क्यूआर (QR) कोड लगाने की शुरुआत कर दी है, जिससे श्रद्धालु सीधे डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से दान कर सकेंगे।
भक्तों को ऑनलाइन दान के लिए किया जा रहा जागरूक
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को नकद दान के बजाय डिजिटल भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है। श्रद्धालुओं को क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन दान करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठा सकें।
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि डिजिटल दान व्यवस्था से न केवल चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि दान की पूरी प्रक्रिया भी पारदर्शी बनेगी। इससे नकदी के रखरखाव और गणना से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आएगी।
एसबीआई मशीन स्थापित, एक और लगाने की तैयारी
ऑनलाइन दान प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मंदिर कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक मशीन स्थापित की जा चुकी है। बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए जल्द ही एक और मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके माध्यम से डिजिटल भुगतान की निगरानी और रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से रखा जा सकेगा।
मंदिर परिसर में लगेंगे जागरूकता बोर्ड
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति भी इस पहल को व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी में जुटी है। समिति की ओर से मंदिर परिसर के विभिन्न स्थानों पर ऐसे सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दान के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन बोर्डों पर डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया और उसके लाभों की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।
चार माह में बढ़ी डिजिटल दानदाताओं की संख्या
हाई पावर कमेटी के उपाध्यक्ष मुकेश मिश्र के अनुसार, पिछले चार महीनों में ऑनलाइन दान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान समय में मंदिर को प्राप्त होने वाले कुल चढ़ावे का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालु भी इस नई व्यवस्था को सकारात्मक रूप से अपना रहे हैं। आने वाले समय में डिजिटल दान का प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक दान ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो, जिससे चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। ऐसे में बांके बिहारी मंदिर द्वारा शुरू की गई डिजिटल दान व्यवस्था को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम न केवल श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से धार्मिक संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा।