फूल बंगले में विराजे ठाकुर गोदारंगमन्नार, रंगनाथ मंदिर में उमड़ी भक्तों की अपार भीड़
वृंदावन= उत्तर भारत के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में गुरुवार को श्रद्धा भक्ति का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। वर्ष में एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले में विराजित ठाकुर गोदारंगमन्नार के दिव्याकर्षक छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक नगरी में श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुर जी को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से विविध प्रकार के फूलों से सजे बंगले में विराजित किया जाता है। इसके पीछे भाव है कि भगवान कुंज,लता पताओं में विराजमान होकर लीलाएं किया करते थे। आज भी ब्रज के देवालयों में इसका अनुश्रवण किया जाता है। इसी के तहत साल में केवल एक बार सजने वाले अद्वितीय फूल बंगले के गुरुवार की शाम जैसे ही दर्शन खुले रंगनाथ भगवान की जय जयकार से मंदिर परिसर अनुगुंजित हो उठा। दर्शनों के लिए भक्तो की भीड़ स्वर्ण गरुण स्तंभ परिसर में उमड़ने लगी। विविध प्रकार के देशी सुगंधित और शीतलता प्रदान करने वाले फूलों से सजाए गए आकर्षक बंगले की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। खास तौर पर नामचीन कलाकर जुगल किशोर शर्मा और उनकी टीम द्वारा केले के पत्ते पर उकेरी गई श्री वैष्णव संप्रदाय के संतो की छवि आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। फूल बंगला में विराजमान भगवान रंगनाथ माता गोदा जी और समस्त परिकर के दर्शनों के लिए भक्त आतुर नजर आए। केले के तनों पर की गई आकर्षक कलाकारी ने सभी का मन मोह लिया। जगमोहन में भव्य फूल बंगला में विराजमान भगवान की अलौकिक छवि मनमोहक थी। कृतिम यमुना स्वरूपणी सरोवर में भगवान गोवर्धन नाथ पर्वत की छवि बनाई गई साथ ही उसमें बनाई गई नाव,क्रतिम नाव बेहद ही आकर्षक लग रही थी।