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पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ मथुरा में हुंकार,डीएम-एसएसपी को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन

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15 जून 2026, 07:51 PM
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पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ मथुरा में हुंकार,डीएम-एसएसपी को सौंपा 11 सूत्रीय ज्ञापन
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Vigul News

मथुरा। जनपद में लगातार बढ़ रहे पत्रकार उत्पीड़न, झूठे मुकदमों, प्रशासनिक उपेक्षा और पुलिस की कथित मनमानी के खिलाफ सोमवार को विभिन्न समाचार पत्रों, चैनलों एवं मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।


ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को लगातार कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसाना, शिकायतों को नजरअंदाज करना और समाचार संकलन के दौरान अपमानजनक व्यवहार करना अब चिंताजनक स्थिति बन चुका है।


पत्रकारों ने वृंदावन के बिरला मंदिर मार्ग स्थित शराब ठेका विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकार रवि बघेल एवं शुभम चौधरी के खिलाफ की गई कार्रवाई को पत्रकारिता पर सीधा प्रहार बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की। वहीं थाना परिसर में पत्रकारों के साथ अभद्रता एवं धमकी के मामले में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई।


ज्ञापन में गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकार आलोक तिवारी के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने तथा अड़ींग निवासी वरिष्ठ पत्रकार दिलीप यादव की पैतृक भूमि से जुड़े विवाद में कथित प्रशासनिक पक्षपात की जांच कर न्याय दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।


पत्रकारों ने आरोप लगाया कि अधिकांश विभागों के अधिकारी जनहित के मामलों में अपना पक्ष देने से बचते हैं, जिससे समाचार एकतरफा प्रतीत होते हैं। वहीं कई थानों और चौकियों में पत्रकारों के साथ सहयोग की बजाय अभद्रता का व्यवहार किया जाता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।


ज्ञापन में जनपद स्तर पर पत्रकार सुरक्षा एवं संवाद समिति गठित करने, पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने से पूर्व वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा व्यवस्था लागू करने तथा पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकी और कवरेज में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।


पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पत्रकारिता के सम्मान और स्वतंत्र अभिव्यक्ति की रक्षा की लड़ाई है। यदि पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास जारी रहा तो पत्रकार समाज चुप नहीं बैठेगा।


इस अवसर पर विभिन्न समाचार पत्रों एवं चैनलों से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।