*“सावधान! AC इंस्टॉलेशन के नाम पर 5 रुपये के झांसे में उड़ गए साढ़े छह लाख*
मुख्य बिंदु:
Vigul News
सावधान।साइबर अपराधी आपकी गाढ़ी कमाई पर डाका डालने को नित नया पैंतरा आजमा रहे हैं। आपकी सजगता ही आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकती है। जी हां हम आपको कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं जो चौंकाने वाला हो सकता है। समाज में तकनीकी संसाधनों के बढ़ने के साथ ही आपराधिक स्वभाव के व्यक्तियों ने भी समय के साथ कदमताल करते हुए अपराध के तरीके बदल लिए। कालांतर में आपकी संपत्ति पर डाका डालने के लिए अपराधियों को फिजिकल वर्क करना पड़ता था लेकिन अब आधुनिक तकनीक ने अपराध की प्रकिया को आसान कर दिया है। वर्तमान समय में आपके मोबाइल नंबर को हैक करके,डिजिटल अरेस्ट या किसी अन्य तरीके से अपराधी बड़ी आसानी से आपकी बैंकों में सुरक्षित कमाई को उड़ा सकता है।हालांकि सरकार ने इस तरीके के साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए कानून में संशोधन कर देश भर में साइबर क्राइम सेल का गठन किया है। लेकिन ये साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने में अभी तक पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पाए है।नतीजन साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार अलग अलग तरीके से बढ़ती जा रही है। अभी हाल ही में एक ऐसी नई ट्रिक सामने आई है। जो आपके दिलो दिमाग को सोचने पर मजबूर कर देगी। मथुरा में एयर कंडीशनर इंस्टॉलेशन के नाम पर शातिर अपराधियों ने एक उपभोक्ता के खाते से साढ़े छह लाख रुपए से अधिक की रकम उड़ा दी। सदर के रहने वाले एक व्यक्ति नया एसी खरीदने के बाद प्रोडक्शन कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर डायल किया। जिसे साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। बताया जाता है कि अपने आपको कंपनी के इंस्टॉलेशन सेंटर यूनिट से बताते हुए एक युवक ने इंस्टॉलेशन के रजिस्ट्रेशन चार्ज के लिए मात्र पांच रुपए की फीस मांगी और इसके लिए एक ओटीपी प्रोवाइड कराया। उपभोक्ता ने जैसे ही पांच रुपए ऑनलाइन भेजने के बाद ओटीपी ओके किया उसके बैंक अकाउंट से लगभग साढ़े छह लाख रुपए की धनराशि गायब हो गई। जिसका पता उपभोक्ता को बैंक से मोबाइल पर आने मैसेज अलर्ट से पता लगा। अब पीड़ित ने साइबर फ्रॉड का मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन हम आपको एक बार फिर आगाह करते हैं कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी मैसेज और कॉल को लेकर पैनिक न हो। बल्कि पूरी तहकीकात और सजगता के बाद ही इस तरह की की किसी भी एक्टिविटी को अंजाम दें।