25 लाख की चांदी लेकर फरार हुआ कारीगर,पीड़ित व्यापारी बोला- मदद की जगह पुलिस से मिल रही धमकी
मुख्य बिंदु:
व्यापारी ने अपने कारीगर पर करीब 12 किलो चांदी लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार चांदी की कीमत 20 से 25 लाख रुपये है। सचिन का कहना है कि आरोपी वर्ष 2021 से उनके साथ पायल बनाने का काम करता था। शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने और धमकी दिलाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है
मथुरा। शहर में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अर्जुनपुरा निवासी एक व्यापारी ने अपने ही परिचित कारीगर पर करीब 12 किलो चांदी लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार बाजार में चांदी की कीमत लगभग 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं पुलिस पर भी कार्रवाई न करने और धमकी दिलाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सालों से साथ काम कर रहा था कारीगर
पीड़ित सचिन का आरोप है कि भोला वार्ष्णेय नाम का कारीगर वर्ष 2021 से उनके साथ पायल बनाने का काम करता था। दोनों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध थे और कारोबारी भरोसे के चलते चांदी भी उसके पास रहती थी।
सचिन के मुताबिक जब उन्होंने अपनी चांदी वापस मांगी तो भोला अचानक गायब हो गया। आरोप है कि जब वह आरोपी के घर पहुंचे तो उसकी पत्नी पिंकी वार्ष्णेय ने यह कहकर बात टाल दी कि भोला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
पुलिस चौकियों के काटे चक्कर
पीड़ित का कहना है कि मामले की शिकायत लेकर वह मसानी चौकी और वृंदावन गेट चौकी पहुंचे, लेकिन कहीं से भी उन्हें राहत नहीं मिली। सचिन का आरोप है कि पुलिस ने मामला बड़ा बताकर कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ लिया।
“ज्यादा हाथ-पैर मत मारो” – पीड़ित का आरोप
सचिन ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उन्हें एसओजी से जुड़े बताए जा रहे राकेश यादव नाम के व्यक्ति का फोन आया। पीड़ित के अनुसार फोन पर उन्हें मामले में ज्यादा सक्रियता न दिखाने की चेतावनी दी गई।हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वरिष्ठ अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार
लाखों की ठगी का आरोप लगाने वाले व्यापारी सचिन ने अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।