वृंदावन में बाहरी श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल, रकम वापसी को लेकर युवती और परिवार से मारपीट
मुख्य बिंदु:
वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित गेस्ट हाउस में ₹2.75 लाख की एडवांस रकम वापस मांगने पहुंची छत्तीसगढ़ की युवती और उसके परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगा है। युवती के दोस्त पर लाठी से हमला कर सिर फोड़ने का भी आरोप है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मथुरा/वृंदावन। चैतन्य विहार स्थित एक गेस्ट हाउस में छत्तीसगढ़ से आई युवती और उसके परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि गेस्ट हाउस संचालन के लिए उसने जनवरी माह में संचालक राजन चौधरी को 2.75 लाख रुपये एडवांस दिए थे। तय संख्या में कमरे उपलब्ध नहीं कराए जाने पर जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो संचालक लगातार उसे टालता रहा।
आरोप है कि बृहस्पतिवार शाम युवती अपने माता-पिता और कोसीकलां निवासी दोस्त के साथ रकम वापस लेने गेस्ट हाउस पहुंची थी। इसी दौरान संचालक से उनकी कहासुनी हो गई। युवती का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राजन चौधरी ने उसके साथ मारपीट करते हुए थप्पड़ मार दिया।
बताया गया है कि युवती के साथ मौजूद दोस्त ने जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो संचालक द्वारा बुलाए गए कुछ लोगों ने उस पर लाठी से हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पीड़िता की तहरीर पर वृंदावन कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना ने वृंदावन आने वाले बाहरी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्मनगरी में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग भगवान बांके बिहारी के दर्शन और धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि होटल, गेस्ट हाउस या अन्य सुविधाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से रकम लेने के बाद विवाद होने पर मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं, तो इससे वृंदावन की छवि पर भी असर पड़ता है।
अब सवाल यह है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु वृंदावन में खुद को पूरी तरह सुरक्षित कब महसूस करेंगे और श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी अथवा दबंगई करने वालों पर पुलिस कब सख्त कार्रवाई करेगी? पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पूरे विवाद में वास्तविक स्थिति क्या थी और मारपीट के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।