जीएसटी की जटिलताओं से राहत दिलाने की मांग, वृंदावन व्यापार मंडल ने उठाई आवाज
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, वृंदावन (मथुरा) ने जीएसटी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारत सरकार की वित्त मंत्री के नाम एक मांगपत्र जीएसटी कमिश्नर के माध्यम से सौंपा। संगठन का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।मांगपत्र में संगठन ने प्रमुख रूप से कहा कि तकनीकी त्रुटियों या मानवीय भूल के कारण पूर्ण कर जमा होने के बावजूद व्यापारियों पर अनावश्यक जुर्माना और कार्रवाई न की जाए। 40 लाख रुपये तक वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण की बाध्यता समाप्त करने, जांच एवं सर्वे के दौरान व्यापारियों पर अनावश्यक कर जमा कराने का दबाव न बनाने, ई-वे बिल से संबंधित समस्याओं का समाधान करने तथा जीएसटी में विलंब से भुगतान पर लगने वाली 18 प्रतिशत ब्याज दर को घटाकर अधिकतम 6 प्रतिशत करने की मांग की गई।
इसके अलावा संगठन ने जीएसटी अधिनियम के दंडात्मक प्रावधानों में राहत, पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल हस्ताक्षर (डीएससी) एवं सॉफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराने, दुर्घटना बीमा की सीमा बढ़ाने तथा तंबाकू एवं अन्य वस्तुओं पर जीएसटी की विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई।व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष अलोक बंसल का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान से व्यापारियों को राहत मिलेगी, व्यापार सुगम होगा तथा कर प्रणाली के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। संगठन ने केंद्र सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
इस मौके पर संयुक्त महामंत्री, आशीष ठाकुर, आशु गौतम, आकाश गोस्वामी,रामू गुप्ता आदि मौजूद रहे।