एक ओर सीएम योगी ने किया गौ पूजन, दूसरी ओर जंगल में मिलीं चार मृत गायें
मुख्य बिंदु:
मथुरा-वृंदावन रोड पर धोरेरा के जंगल में मिले गौवंश के शव, गौ रक्षा दल ने जताई नाराजगी
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जब कान्हा की नगरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ पूजन कर गौ सेवा और संरक्षण का संदेश दिया, उसी दिन मथुरा-वृंदावन रोड से सामने आई एक तस्वीर ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। थाना जेत क्षेत्र के धोरेरा स्थित जंगल में एक साथ चार मृत गायें मिलने से हड़कंप मच गया। खुले में पड़े गौवंश के शव देखकर मौके पर पहुंचे गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और प्रशासन से मामले में गंभीरता से कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। जंगल में चार गायों के शव पड़े थे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि खुले में पड़े शवों को पशु नोच रहे थे, जिससे आसपास का माहौल भी बेहद विचलित करने वाला बना हुआ था।
गौ रक्षा दल के सदस्य प्रहलाद राजपूत ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर मृत गौवंश खुले में पड़ा मिल रहा है और गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता उन्हें दफनाने का काम कर रहे हैं।
प्रहलाद राजपूत के मुताबिक, मृत गौवंश को खुले में फेंके जाने के कारण आवारा पशु उनके शवों को नोचते हैं। इससे न केवल गौवंश के प्रति संवेदनहीनता सामने आती है, बल्कि आसपास के लोगों में भी आक्रोश है।
गौ रक्षा दल ने प्रशासन से मांग की है कि मृत गौवंश को खुले में फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि किसी भी मृत पशु का शव खुले स्थान पर न छोड़ा जाए और उसका सम्मानजनक तरीके से निस्तारण हो।
जन्माष्टमी पर उठे कई सवाल
एक तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे और गौ सेवा को सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। वहीं दूसरी ओर जंगल में खुले में पड़े गायों के शवों की तस्वीर ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गौवंश के संरक्षण और मृत गौवंश के निस्तारण की जमीनी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है।
गौ रक्षा दल ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।