अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वात्सल्य ग्राम में योग, आयुर्वेद और स्वास्थ्य जागरूकता का संगम, स्वस्थ जीवन का लिया संकल्प
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मथुरा मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम में योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 स्वास्थ्य साधकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ साध्वी स्वयं ज्योति, साध्वी सत्य श्रुति, साध्वी सत्यब्रता, डाँ वंशिका के द्वारा दीप प्रज्जलन से हुआ।आचार्य रिंकू पाल ने प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशिका पाठक ने "पंचतत्व एवं स्वास्थ्य" विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि मानव शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु एवं आकाश इन पांच तत्वों से निर्मित है। इन पंचतत्वों का संतुलन ही उत्तम स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने कहा कि योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं संतुलित जीवनशैली अपनाकर इन तत्वों को संतुलित रखा जा सकता है, जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहता है।
आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रतीक्षा दीक्षित ने "पंचकर्म का महत्व" विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि पंचकर्म शरीर की शुद्धि एवं रोगों की रोकथाम की एक प्राचीन एवं प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने बताया कि पंचकर्म के माध्यम से शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है तथा व्यक्ति को स्वस्थ एवं ऊर्जावान जीवन प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम में लगभग पचास प्रतिभागी उपस्थित रहे। डा० उमाशंकर राही ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन आचार्य रज्जन कान्त ने किया।योग सत्र एवं व्याख्यानों के उपरांत सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्यवर्धक स्प्राउट सलाद,पंचामृत पेय एवं नींबू पानी का वितरण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य एवं योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम बताया।इस अवसर पर चिकित्सालय प्रशासन कि ओर से आदरणीय उमा शंकर राही ने कहा कि स्वामी परमानन्द प्राकृतिक चिकित्सालय योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद के माध्यम से जनसामान्य के स्वास्थ्य संवर्धन हेतु निरंतर कार्यरत है तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।